प्लास्टर और वॉल पुट्टी में अंतर: दीवार के लिए क्या चुनें?
प्लास्टर से दीवार का तल समतल किया जाता है, जबकि पुट्टी छोटे दोष भरकर अंतिम सजावटी परत के लिए चिकनी सतह बनाती है। दीवार पहले से समतल और मजबूत हो तो प्लास्टर की जरूरत नहीं भी पड़ सकती। स्पष्ट ऊँच-नीच होने पर फिनिशिंग पुट्टी, समतल करने वाली परत की जगह नहीं ले सकती।
दोनों सामग्री कैसे अलग हैं?
समतल करने वाला प्लास्टर ईंट या ब्लॉक की चिनाई, कंक्रीट या किसी अन्य अनुमत आधार पर मुख्य परत बनाता है। पुट्टी अधिक बारीक तैयारी के लिए है: छोटे छिद्र, हल्के गड्ढे और औजारों के निशान भरने के लिए। यहाँ सतह तैयार करने वाली सामग्री की तुलना है; सजावटी प्लास्टर स्वयं अंतिम फिनिश होता है।
अंतर उपयोग से तय होता है, केवल बाइंडर से नहीं: जिप्सम प्लास्टर और पुट्टी, दोनों में इस्तेमाल होता है। सीमेंट और पॉलिमर आधारित उत्पाद भी उपलब्ध हैं। “बेस”, “फिनिशिंग” और “यूनिवर्सल” जैसे नाम सभी उत्पादों के लिए एक जैसी अनुमत मोटाई तय नहीं करते। न्यूनतम और अधिकतम मोटाई, उपयुक्त आधार और उपयोग की परिस्थितियाँ संबंधित उत्पाद की तकनीकी डेटा शीट में जाँचें।
दीवार की स्थिति के अनुसार चयन
| स्थिति या काम | उपयुक्त समाधान | क्या जाँचना है |
|---|---|---|
| दीवार के तल में बड़ी ऊँच-नीच | समतल करने वाला प्लास्टर या दूसरी समतलीकरण प्रणाली | अनुमत मोटाई और आधार के साथ अनुकूलता |
| समतल सतह पर छिद्र और बारीक खरोंचें | फिनिशिंग पुट्टी | पेंट या वॉलपेपर के लिए जरूरी चिकनापन |
| अलग-अलग स्थानों पर गहरे छेद | मरम्मत या भराव सामग्री | अनुमत भराव गहराई; फिनिशिंग सामग्री हमेशा उपयुक्त नहीं होती |
| जिप्सम बोर्ड के जोड़ | प्रणाली के अनुसार जॉइंट कंपाउंड और निर्धारित टेप | किनारे का प्रकार और जोड़ तैयार करने के निर्देश |
समतलता और चिकनापन अलग गुण हैं। सीधी पट्टी रखने से तल की ऊँच-नीच पता चलती है, जबकि किनारे से पड़ती रोशनी खरोंचें, छिद्र और तैयार किए गए हिस्सों के बीच के जोड़ दिखाती है। छूने पर चिकनी दीवार भी टेढ़ी हो सकती है।
काम किस क्रम में करें?
- आधार जाँचें और कमजोर हिस्से, धूल तथा गंदगी हटाएँ। नमी या बार-बार दरार आने पर पहले उसका कारण दूर करें।
- जरूरी तल और क्षति की गहराई तय करें। केवल आवश्यक कामों के लिए आपस में अनुकूल मरम्मत सामग्री, प्लास्टर और पुट्टी चुनें।
- आधार तैयार करें; प्रणाली में जरूरी हो तो प्राइमर भी लगाएँ। निर्माता की परत की मोटाई और परतों के बीच प्रतीक्षा अवधि का पालन करते हुए मरम्मत और समतलीकरण करें।
- आधार अगली प्रक्रिया के लिए तैयार हो जाए तो अधिक चिकनी सतह की जरूरत होने पर पुट्टी लगाएँ। सूखने दें, जरूरत पर सैंडिंग करें, धूल हटाएँ और चुनी हुई फिनिश के लिए सतह तैयार करें।
सेट हो जाने का अर्थ पूरी तरह सूखना या पेंट के लिए तैयार होना नहीं है। समय संरचना, मोटाई, आधार की सोखने की क्षमता, तापमान और नमी पर निर्भर है; “हर परत के लिए एक दिन” का कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है।
कब एक परत छोड़ सकते हैं?
पर्याप्त समतल, मजबूत और अनुकूल आधार पर बिना प्लास्टर के पुट्टी लगाई जा सकती है। प्लास्टर के बाद भी पूरी सतह पर पुट्टी हमेशा जरूरी नहीं होती: फैसला तैयार सतह की गुणवत्ता और अंतिम फिनिश की जरूरत पर निर्भर है। उच्च गुणवत्ता वाले पेंट कार्य के लिए छोटे परीक्षण हिस्से को उस रोशनी में जाँचें जो बाद में इस्तेमाल होगी।
सामान्य अंदरूनी पुट्टी ऊपर पेंट लगा देने से बाहरी दीवार या भीगने वाले क्षेत्र के लिए उपयुक्त नहीं बन जाती। पूरी प्रणाली उपयोग की परिस्थितियों के अनुसार चुनें। प्लास्टर और पुट्टी आधार की हलचल नहीं रोकते और संरचनात्मक दोषों की मरम्मत का विकल्प नहीं हैं।
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