1 घन मीटर रेत का वजन: सभी प्रकार की रेत का आयतनिक और विशिष्ट भार
आपूर्तिकर्ता कभी-कभी कम रेत पहुंचा देते हैं, क्योंकि खरीदार तुरंत नहीं समझ पाता कि वास्तव में कितने टन सामग्री आई है। लेकिन रेत का अनुमानित विशिष्ट भार और वाहन की बॉडी का आयतन पता हो तो उसके भराव के आधार पर सामग्री की मात्रा स्वयं आंकी जा सकती है।
अधिक सटीक गणना के लिए फीते से लाई गई रेत का वास्तविक आयतन मापा जा सकता है।
1 घन मीटर रेत के विशिष्ट भार की संक्षिप्त तालिका
| सामग्री | एक घन मीटर का वजन, टन/मी³ | एक बाल्टी का वजन, किग्रा |
| निर्माण रेत | 1.5 | 18 |
| सूखी ढीली निर्माण रेत | 1.44 | 17.3 |
| सूखी सघन निर्माण रेत | 1.68 | 20.2 |
| गीली निर्माण रेत | 1.92 | 23 |
| गीली सघन निर्माण रेत | 2.54 | 30.5 |
| नदी की रेत | 1.63 | 19.6 |
| क्वार्ट्ज रेत | 1.65 | 19.8 |
| समुद्री रेत | 1.62 | 19.44 |
| खदान की रेत | 1.5 | 18 |
GOST 8736-93 निर्माण रेत ~ 1.5 टन/मी³
सूखी ढीली निर्माण रेत ~ 1.44 टन/मी³
सूखी सघन निर्माण रेत ~ 1.68 टन/मी³
गीली निर्माण रेत ~ 1.92 टन/मी³
गीली सघन निर्माण रेत ~ 2.54 टन/मी³
नदी की रेत ~ 1.63 टन/मी³
क्वार्ट्ज रेत ~ 1.65 टन/मी³
समुद्री रेत ~ 1.62 टन/मी³
खदान की रेत ~ 1.5 टन/मी³
लेख में विभिन्न प्रकार की रेत का अनुमानित वजन दिया गया है।
यह 1 घन मीटर रेत के वजन का संदर्भ लेख है। यदि पहले यह सवाल था कि एक घन मीटर में कितने टन रेत होती है तो दिए गए मान सामग्री के विशिष्ट और आयतनिक भार का अनुमान लगाने में मदद करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 घन मीटर रेत का वजन कितना होता है?
वजन रेत के प्रकार और अवस्था पर निर्भर करता है। तालिका के अनुसार 1 घन मीटर निर्माण रेत का वजन लगभग 1.5 टन, सूखी ढीली रेत का करीब 1.44 टन, नदी की रेत का करीब 1.63 टन और गीली निर्माण रेत का करीब 1.92 टन होता है।
गीली रेत सूखी रेत से भारी क्यों होती है?
गीली रेत के दानों के बीच छिद्रों में पानी होता है, जिससे उसका आयतनिक भार बढ़ जाता है। संघनन भी द्रव्यमान को प्रभावित करता है: समान आयतन में सघन रेत का वजन ढीली रेत से अधिक होता है।
गाड़ी में लाई गई रेत की मात्रा का अनुमान कैसे लगाएं?
गाड़ी की बॉडी में रेत की लंबाई, चौड़ाई और परत की औसत ऊंचाई मापकर आयतन निकालें और उसे संबंधित प्रकार की रेत के अनुमानित प्रति घन मीटर वजन से गुणा करें। सटीक गणना में नमी और बैच का वास्तविक घनत्व ध्यान में रखना बेहतर है।