ऑस्मियम का विशिष्ट भार, गुण, उत्पादन और मानों की तालिका
ऑस्मियम प्लेटिनम समूह का रासायनिक तत्व और संक्रमण धातु है। ठोस अवस्था में यह नीली आभा वाली चमकदार, चाँदी-सफेद धातु होती है। ऑस्मियम ज्ञात सबसे घनी धातुओं में आता है और इस मापदंड में इरिडियम के करीब है।
उद्योग में ऑस्मियम प्लेटिनम समूह की धातुओं वाले कच्चे माल के प्रसंस्करण से प्राप्त होता है। दुर्लभता, अधिक कीमत और विशिष्ट रासायनिक गुणों के कारण उसका उपयोग सीमित, लेकिन तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होता है।
ऑस्मियम के विशिष्ट भार की तालिका
ऑस्मियम एक जटिल और दुर्लभ धातु है, इसलिए उसके सटीक भौतिक मान संदर्भ आँकड़ों और प्रयोगशाला माप से निर्धारित होते हैं। ऑस्मियम का औसत घनत्व करीब 22,61 ग्राम/सेमी³ है। इसका अर्थ है कि 1 घन मीटर ऑस्मियम का वजन लगभग 22610 किग्रा होता है।
| पदार्थ | विशिष्ट भार (ग्राम/सेमी³) | 1 घन मीटर का वजन (किग्रा) |
| ऑस्मियम | 22,61 | 22610 |
ऑस्मियम के गुण
ऑस्मियम अत्यंत कठोर, घना और भंगुर होता है। अधिक कठोरता और भंगुरता के कारण उसकी मशीनिंग कठिन है। ऑस्मियम का गलनांक करीब 3033 °C और क्वथनांक करीब 5012 °C है। यह धातु अनुचुंबकीय होती है।
ठोस रूप में ऑस्मियम अनेक अम्लों और क्षारों के प्रति काफी स्थिर होता है, लेकिन पाउडर के रूप में तथा गर्म करने पर अधिक सक्रियता से अभिक्रिया करता है। वाष्पशील और विषैला ऑस्मियम टेट्रॉक्साइड बनाने की क्षमता उसकी महत्वपूर्ण विशेषता है। इसलिए ऑस्मियम यौगिकों के साथ काम करते समय सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है।
जीवित प्राणियों के लिए ऑस्मियम की कोई ज्ञात जैविक भूमिका नहीं है। उसके कुछ यौगिक, विशेषकर ऑस्मियम टेट्रॉक्साइड, विषैले होते हैं।
ऑस्मियम का उत्पादन
प्रकृति में ऑस्मियम सामान्यतः प्लेटिनम समूह की अन्य धातुओं, विशेषकर इरिडियम, के साथ मिलता है। उसे प्लेटिनम वाले कच्चे माल के प्रसंस्करण से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त किया जाता है। घटकों को अलग करने के बाद ऑस्मियम को रासायनिक विधियों से अतिरिक्त शुद्ध करके धात्विक अवस्था में अपचयित किया जाता है।
ऑस्मियम के उपयोग
दुर्लभता और अधिक कीमत के कारण ऑस्मियम का उपयोग सीमित है। प्रमुख उपयोग हैं:
- इरिडियम, रूथेनियम और प्लेटिनम समूह की अन्य धातुओं के साथ घिसाव-रोधी और अत्यधिक कठोर मिश्रधातुओं में उपयोग;
- विशेष संपर्क, नोक और ऐसे पुर्जों में उपयोग जहाँ अधिक कठोरता तथा घिसाव प्रतिरोध जरूरी हो;
- फाउंटेन पेन की नोक, परिशुद्ध यंत्रों के बेयरिंग बिंदु और कठोर घिसाव-रोधी मिश्रधातु माँगने वाले छोटे पुर्जों में उपयोग;
- कुछ ऑस्मियम यौगिकों का उत्प्रेरक के रूप में उपयोग;
- जैविक नमूनों को स्थिर और अधिक स्पष्ट करने के लिए इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी में ऑस्मियम टेट्रॉक्साइड का उपयोग;
- तापदीप्त लैंप के फिलामेंट में ऐतिहासिक उपयोग, जिसकी जगह बाद में लगभग पूरी तरह टंगस्टन ने ले ली;
- वैज्ञानिक और प्रयोगशाला अनुसंधान।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 घन मीटर ऑस्मियम का वजन कितना होता है?
लगभग 22,61 ग्राम/सेमी³ घनत्व पर एक घन मीटर ठोस ऑस्मियम का वजन करीब 22 610 किग्रा होता है। पाउडर और रिक्तियों वाले उत्पादों का वास्तविक द्रव्यमान कम होगा।
ऑस्मियम को सबसे घनी धातुओं में क्यों गिना जाता है?
ऑस्मियम प्लेटिनम समूह की धातु है और क्रिस्टलीय अवस्था में उसका घनत्व अत्यंत अधिक तथा इरिडियम के करीब होता है। इसलिए ऑस्मियम के छोटे आयतन का द्रव्यमान भी बड़ा होता है।
प्रसंस्करण के दौरान ऑस्मियम खतरनाक है?
ठोस धातु अपेक्षाकृत स्थिर होती है, लेकिन विषैले ऑस्मियम टेट्रॉक्साइड के बनने की संभावना के कारण पाउडर और ऑस्मियम यौगिकों के साथ सावधानी जरूरी है। इनके साथ रासायनिक सुरक्षा नियमों के अनुसार काम करना चाहिए।