पेट्रोल का घनत्व और विशिष्ट भार: 1 लीटर का वजन
पेट्रोलियम शोधन से मिलने वाले ईंधन के बिना आधुनिक दुनिया की कल्पना कठिन है। पेट्रोल और डीज़ल लगभग हर औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल होते हैं। वाहन चालकों के लिए पेट्रोल के गुण और विशेषताओं की जानकारी विशेष रूप से उपयोगी है।
पेट्रोल क्या है?
मनुष्य लगातार नई खोज करता रहा है। भाप इंजन और रेल के बाद आंतरिक दहन इंजन के आविष्कार का दौर आया।
पहली पेट्रोलियम रिफाइनरी 1745 में बनी थी, लेकिन साधारण आसवन से केवल दीपक जलाने वाला केरोसिन मिलता था। 1825 में ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी माइकल फैराडे ने अनेक रासायनिक प्रयोगों से पहली बार वास्तविक पेट्रोल जैसा नमूना—कम प्रज्वलन सीमा वाला हाइड्रोकार्बन मिश्रण—प्राप्त किया। बाद में +33 से +205 °C तक के विभिन्न क्वथनांक वाले हल्के हाइड्रोकार्बनों के मिश्रण को पेट्रोल कहा जाने लगा।
पदार्थ की विशिष्ट गंध और फैराडे के प्रयोगों के कच्चे माल का देश उन्हें “सुगंध” अर्थ वाले अरबी शब्द की ओर ले गया। इसी से पेट्रोल का नाम बना।
पेट्रोल इंजन और पहली कार का विकास आसान नहीं था। आज रोज इस्तेमाल होने वाली इस तकनीक में अनेक आविष्कारकों ने योगदान दिया।
पेट्रोल का वजन कितना होता है?
पेट्रोल की प्रमुख विशेषताओं में ऑक्टेन संख्या है, लेकिन वह उसके घनत्व और द्रव्यमान को लगभग प्रभावित नहीं करती। करीब +15 °C पर 1 लीटर पेट्रोल का औसत वजन लगभग 0.70–0.78 kg, यानी 700–780 g होता है। नीचे की सारिणी दिखाती है कि वह पानी से हल्का है।
पेट्रोल के विशिष्ट भार और एक लीटर के वजन की सारिणी
| पेट्रोल का घनत्व (g/cm³) | पेट्रोल का विशिष्ट भार (kg/m³) | 1 लीटर पेट्रोल का वजन | एक टन पेट्रोल में लीटर |
|---|---|---|---|
| 0.7–0.78 | 700–780 | 700–780 | 1200–1400 |
पेट्रोल के बारे में रोचक तथ्य
- पेट्रोल हल्के हाइड्रोकार्बनों का मिश्रण है, इसलिए उसका घनत्व बिल्कुल स्थिर नहीं होता। एक लीटर के द्रव्यमान पर ईंधन की संरचना, मौसमी योजक और तापमान का प्रभाव पड़ता है।
- गर्म होने पर पेट्रोल फैलता और ठंडा होने पर कम आयतन लेता है। इसलिए सटीक लेखा गणना में तापमान सुधार लगाया जाता और आयतन को प्रायः +15 °C की मानक स्थिति में बदला जाता है।
- पेट्रोल पानी से हल्का और उसमें बहुत कम घुलता है, इसलिए फैलने पर आम तौर पर सतह पर रहता है। उसकी वाष्प आसानी से आग पकड़ती है, इसलिए द्रव्यमान की कोई गणना अग्नि सुरक्षा नियमों का विकल्प नहीं है।
- ऑक्टेन संख्या इंजन में ईंधन के डेटोनेशन-प्रतिरोध को बताती है, लेकिन वह स्वयं एक लीटर पेट्रोल का वजन निर्धारित नहीं करती।
- प्रत्यक्ष आसवन से पहले पेट्रोल अंश की सीमित मात्रा ही मिलती थी। क्रैकिंग और रिफॉर्मिंग सहित आधुनिक शोधन से कच्चे तेल से अधिक मात्रा में अच्छी गुणवत्ता का मोटर ईंधन बनाया जा सकता है।
- पेट्रोल इंजन और कारों का विकास किसी एक आविष्कारक का काम नहीं, बल्कि ईंधन रसायन, इग्निशन प्रणाली और इंजन डिज़ाइन में अभियांत्रिकी समाधानों की लंबी शृंखला का परिणाम था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 लीटर पेट्रोल का वजन कितना होता है?
लगभग +15 °C पर 1 लीटर पेट्रोल का वजन आम तौर पर करीब 0.70–0.78 kg होता है। सटीक मान विशेष ईंधन की संरचना और तापमान पर निर्भर करता है।
एक टन पेट्रोल में कितने लीटर होते हैं?
एक टन पेट्रोल में अनुमानतः 1200–1400 लीटर होते हैं। ईंधन का घनत्व जितना अधिक होगा, एक टन में लीटर उतने कम होंगे और इसके उलट।
क्या ऑक्टेन संख्या पेट्रोल के वजन को प्रभावित करती है?
ऑक्टेन संख्या स्वयं एक लीटर का द्रव्यमान तय नहीं करती। घनत्व पर अंशीय संरचना, ऑक्सीजन युक्त योजक, मौसमी मिश्रण और ईंधन का तापमान अधिक प्रभाव डालते हैं।