टोल्यून का विशिष्ट भार: घनत्व, गुण और उपयोग
टोल्यून या मिथाइलबेंजीन विशिष्ट मीठी गंध वाला रंगहीन द्रव है, जिसकी गंध विलायक, वार्निश और पेंट में परिचित होती है। वह पानी में बहुत कम घुलता और एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन यानी एरीन में आता है। संरचना में यह मिथाइल समूह वाली बेंजीन रिंग है।
टोल्यून का घनत्व और अन्य गुण
- टोल्यून ज्वलनशील पदार्थ है और जलते समय बहुत कालिख बनाता है।
- टोल्यून के वाष्प साँस में लेने से हल्का नशीला प्रभाव हो सकता है।
- कैंसरकारी खतरे में टोल्यून बेंजीन की श्रेणी में नहीं आता, फिर भी वह विषैला विलायक है: अधिक या लंबे संपर्क में उसके वाष्प तंत्रिका तंत्र, यकृत और अन्य अंगों के लिए हानिकारक हैं।
- अन्य एरोमैटिक हाइड्रोकार्बनों की तरह टोल्यून पानी से हल्का और उसमें अघुलनशील है।
- वह अल्कोहल, ईथर और एसीटोन में घुलता है।
- टोल्यून की संरचना बेंजीन जैसी है, केवल एक परमाणु की जगह CH3 समूह होता है।
- वह दो प्रकार की रासायनिक अभिक्रियाएँ करता है: बेंजीन रिंग या मिथाइल समूह की भागीदारी वाली।
टोल्यून के भौतिक गुणों की तालिका
| घनत्व (ग्राम/सेमी³) | विशिष्ट भार (किग्रा/मी³) | 1 घन मीटर टोल्यून का वजन (टन) | गलनांक (°C) | क्वथनांक (°C) |
|---|---|---|---|---|
| 0,86694 | 866,9 | 0,8669 | –95 | +110,6 |
टोल्यून का विशिष्ट भार पदार्थ के तापमान पर निर्भर करता है। 20 °C पर उसका घनत्व करीब 866,9 किग्रा/मी³ होता है।
टोल्यून के उपयोग
टोल्यून और अन्य एरोमैटिक हाइड्रोकार्बनों का उपयोग पेंट और कोटिंग, रंगद्रव्य, रेजिन, पॉलिमर तथा रासायनिक अर्ध-तैयार उत्पादों के उत्पादन में होता है। टोल्यून अनेक कार्बनिक पदार्थों का विलायक और औद्योगिक कार्बनिक संश्लेषण का कच्चा माल है।
P-4 विलायक में टोल्यून की प्रतिशत मात्रा अधिक होती है। एरोमैटिक हाइड्रोकार्बनों के अलावा मिश्रण में 62% टोल्यून, 26% एसीटोन और 12% ब्यूटाइल एसीटेट होता है।
टोल्यून कुछ ईंधनों और विलायकों के घटक के रूप में उपयोग होता है, कुछ वार्निश और मुद्रण स्याही में शामिल होता है तथा बेंजोइक अम्ल, सैकरिन और कई अन्य पदार्थ बनाने का कच्चा माल है। टोल्यून के कुछ व्युत्पन्न विस्फोटकों के उत्पादन में उपयोग होते हैं, इसलिए उसके साथ सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन जरूरी है।
स्वास्थ्य के लिए खतरे
टोल्यून मानव स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है। वह त्वचा के छिद्रों और श्वसन मार्ग से शरीर में प्रवेश करता है। लंबे संपर्क और हानिकारक पदार्थ के संचय से तंत्रिका तंत्र की गंभीर बीमारियाँ, जैसे एन्सेफैलोपैथी, हो सकती हैं। समान एरोमैटिक हाइड्रोकार्बनों की तरह टोल्यून रक्त और रक्त बनाने वाले अंगों पर भी हानिकारक प्रभाव डालता है।
टोल्यून विषाक्तता के लक्षणों में मितली, चक्कर, संतुलन बिगड़ना तथा चेतना और प्रतिक्रियाओं का धीमा होना शामिल हैं। लंबे और तीव्र विषाक्त संपर्क से अपरिवर्तनीय परिणाम और मृत्यु हो सकती है। टोल्यून अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ है।
टोल्यून के साथ काम के नियम:
- रबर के दस्ताने पहनें;
- कमरे में लगातार वेंटिलेशन रखें;
- वाष्प साँस में न लें;
- कार्यस्थल पर खुली ज्वाला उपयोग न करें;
- गर्मी के स्रोतों से दूर कसकर बंद पात्र में रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 लीटर टोल्यून का वजन कितना होता है?
20 °C पर टोल्यून का घनत्व करीब 866,9 किग्रा/मी³ होता है, इसलिए 1 लीटर का वजन लगभग 0,867 किग्रा है। तापमान के साथ मान बदलता है।
टोल्यून का घनत्व तापमान पर क्यों निर्भर करता है?
गर्म करने पर द्रव फैलता है, इसलिए समान आयतन में द्रव्यमान कम हो जाता है। सटीक गणना में तापमान बताना आवश्यक है।
टोल्यून के साथ काम करते समय कौन-से सुरक्षा उपाय जरूरी हैं?
टोल्यून अत्यंत ज्वलनशील है और उसके वाष्प हानिकारक हैं। सुरक्षा डेटा पत्रक के अनुसार वेंटिलेशन, खुली ज्वाला से दूरी और त्वचा तथा श्वसन सुरक्षा के साथ काम करना चाहिए।