HI

पोर्सिलेन और फाइएंस में अंतर कैसे पहचानें

बहुत से लोग रोजमर्रा में अलग-अलग प्रकार के सिरेमिक से बने उत्पाद इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कम लोग ठीक-ठीक पहचान पाते हैं कि वह कौन-सा प्रकार है। सिरेमिक के सबसे लोकप्रिय प्रकार फाइएंस और पोर्सिलेन हैं। उदाहरण के लिए, मुलायम पोर्सिलेन से कलात्मक-सजावटी उत्पाद और कठोर पोर्सिलेन से बर्तन, सिरेमिक विद्युतरोधक, रेडियो तथा विद्युत तकनीकी पुर्जे और सैनिटरी उत्पाद बनाए जाते हैं। फाइएंस का उपयोग क्लैडिंग टाइल, बर्तन और सैनिटरी उत्पादों में होता है।

इस लेख में हम समझेंगे कि सिरेमिक के ये प्रकार इतने लोकप्रिय क्यों हुए और सबसे महत्वपूर्ण बात, फाइएंस तथा पोर्सिलेन को अलग पहचानना सीखेंगे।

पहले पोर्सिलेन को समझते हैं। पोर्सिलेन महीन सिरेमिक सामग्री है। यह पानी के प्रति अत्यंत अभेद्य और रासायनिक पदार्थों तथा उच्च तापमान के प्रति प्रतिरोधी होता है। इसमें विद्युतरोधी गुण और यांत्रिक प्रभावों का प्रतिरोध भी होता है।

पोर्सिलेन बनाने के लिए सामान्यतः काओलिन, क्वार्ट्ज, फेल्डस्पार और दूसरी चिकनी मिट्टी के घटक इस्तेमाल होते हैं। अस्थि राख हर पोर्सिलेन में नहीं, केवल बोन चाइना में मिलाई जाती है। उत्पाद उच्च तापमान पर पकाकर बनाए जाते हैं, जिसकी सीमा अक्सर लगभग 1200–1450 °C होती है। कठोर, मुलायम और बोन चाइना पोर्सिलेन अलग किए जाते हैं। कठोर पोर्सिलेन आम तौर पर मुलायम पोर्सिलेन से अधिक सघन और मजबूत होता है, इसलिए इसका उपयोग अक्सर बर्तन, सैनिटरी उत्पाद, विद्युतरोधक और तकनीकी पुर्जों में होता है। मुलायम पोर्सिलेन अधिकतर सजावटी वस्तुओं और महीन बर्तनों के लिए इस्तेमाल होता है।

फाइएंस का शर्ड अक्सर सफेद या हल्का होता है, लेकिन उसकी संरचना पोर्सिलेन से अलग होती है। निर्माण में मिलते-जुलते खनिज घटक इस्तेमाल होते हैं, पर मिश्रण की संरचना और पकाने की व्यवस्था अलग रहती है। पकाने का तापमान आम तौर पर पोर्सिलेन से कम और अक्सर 1280 °C तक होता है, इसलिए शर्ड कम सिंटर और अधिक सरंध्र होता है।

फाइएंस अधिक सरंध्र होता और उसका जल अवशोषण बहुत अधिक होता है। इसलिए उस पर जल-अभेद्य ग्लेज की पतली परत चढ़ाई जाती है, ताकि उपयोग के दौरान उत्पाद नमी और गंध न सोखे।

फाइएंस और पोर्सिलेन के मुख्य अंतर

फाइएंस और पोर्सिलेन को अलग पहचानने के कुछ तरीके:

  1. आवाज से। पोर्सिलेन अधिक खनकदार होता है। उत्पाद पर धीरे से थपथपाएं। साफ और खनकदार आवाज पोर्सिलेन तथा धीमी और मंद आवाज फाइएंस का संकेत है।
  2. प्रकाश पारगम्यता से। उत्पाद को प्रकाश के सामने रखें। प्रकाश पार हो तो यह पोर्सिलेन और न हो तो फाइएंस है।
  3. देखकर जांच। बिना ग्लेज वाला हिस्सा देखें, जैसे तले का सहायक घेरा। पोर्सिलेन का शर्ड आम तौर पर अधिक सघन, पतला और एकसमान होता है; फाइएंस में बिना ग्लेज वाला हिस्सा अक्सर अधिक सरंध्र और दानेदार दिखता है। पूरी तरह चमकदार सतह अपने आप यह सिद्ध नहीं करती कि वस्तु फाइएंस की है।
  4. पोर्सिलेन सामान्यतः फाइएंस से महंगा होता है, विशेष रूप से अच्छी गुणवत्ता के बर्तन और सजावटी उत्पाद। लेकिन कीमत केवल सामग्री ही नहीं, ब्रांड, डिजाइन, पकाने और फिनिशिंग की गुणवत्ता पर भी निर्भर करती है।
  5. फाइएंस उत्पादों की ताप चालकता आम तौर पर पोर्सिलेन से कम होती है, लेकिन गर्म कप वाला घरेलू परीक्षण हमेशा भरोसेमंद नहीं है: परिणाम दीवार की मोटाई, हैंडल के आकार और पेय के तापमान पर निर्भर करता है।
पोर्सिलेन और फाइएंस के अंतर की तालिका
मापदंड पोर्सिलेन फाइएंस
आवाज खनकदार, साफ धीमी, मंद
प्रकाश पारगम्यता मौजूद नहीं होती
सतह का रूप बिना ग्लेज वाले हिस्से पर सघन, पतला शर्ड अधिक सरंध्र शर्ड, जो आम तौर पर ग्लेज से ढका होता है
कीमत अधिक कम
ताप चालकता अधिक कम
सरंध्रता बहुत कम अधिक
जल अवशोषण कम अधिक
मजबूती अधिक कम

पोर्सिलेन और फाइएंस में कौन-से उत्पाद बेहतर हैं? पोर्सिलेन आम तौर पर महंगा, कठोर और टिकाऊ होता है तथा उसका जल अवशोषण कम होता है। फिर भी यह नहीं कहा जा सकता कि पोर्सिलेन हमेशा बेहतर है: सजावटी वस्तुओं या सस्ते बर्तनों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाला फाइएंस भी उचित विकल्प हो सकता है। यदि समय के साथ फाइएंस के बर्तन में दरारें बन जाएं तो उसे खाने-पीने के लिए इस्तेमाल नहीं करना बेहतर है, क्योंकि दरारें ठीक से साफ नहीं होतीं और उनमें गंदगी जमा हो सकती है।

टिकाऊपन, कम जल अवशोषण और आसान देखभाल महत्वपूर्ण हो तो पोर्सिलेन अधिक चुना जाता है। सस्ता विकल्प चाहिए तो फाइएंस उत्पाद चुनते समय निर्माता, ग्लेज की गुणवत्ता और बाहरी रूप पर ध्यान दें: उत्पाद में किनारे टूटे हुए, दरारें या कोटिंग में स्पष्ट दोष नहीं होने चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घर पर पोर्सिलेन और फाइएंस को सबसे आसानी से कैसे पहचानें?

सबसे आसान संकेत आवाज, प्रकाश पारगम्यता और बिना ग्लेज वाले हिस्से का रूप हैं। पोर्सिलेन आम तौर पर अधिक खनकदार आवाज देता, पतली दीवार में थोड़ा प्रकाश पार कर सकता और अधिक सघन तथा एकसमान शर्ड रखता है।

क्या पोर्सिलेन हमेशा प्रकाश पार करता है?

हमेशा नहीं। प्रकाश पारगम्यता उत्पाद की मोटाई, मिश्रण की संरचना और पकाने की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। पतला पोर्सिलेन सामान्यतः अधिक प्रकाश पार करता है, जबकि मोटी दीवार या सजावटी कोटिंग इस संकेत को छिपा सकती है।

क्या केवल ग्लेज देखकर फाइएंस पहचाना जा सकता है?

केवल ग्लेज की चमक से फाइएंस को भरोसेमंद ढंग से नहीं पहचाना जा सकता। बिना ग्लेज वाले हिस्से को देखना बेहतर है: फाइएंस का शर्ड प्रायः अधिक सरंध्र और दानेदार, जबकि पोर्सिलेन का अधिक सघन और एकसमान होता है।